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अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ में बेकाबू रोना पारंपरिक रूप से शूल कहा जाता है । रोना अकà¥à¤¸à¤° देर दोपहर और शाम में होता है, और कई हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक बढ़ता रहता है जब तक कि यह चरम पर नहीं पहà¥à¤‚च जाता। अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ तीन महीने से चार महीने के बीच इससे बाहर निकलते हैं ।
शूल को कà¤à¥€-कà¤à¥€ लगातार रोना या बैंगनी रोना® कहा जाता है । यह आमतौर पर रोने की विशेषता है जो आता है और चला जाता है, और आप आसानी से नहीं जान पाà¤à¤‚गे कि कà¥à¤¯à¥‹à¤‚।
कà¥à¤› विशेषजà¥à¤ž सोचते हैं कि रोने की यह अवधि आपके शिशॠके सामानà¥à¤¯ विकास का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ मातà¥à¤° है. उसका मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• उसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ देखी और सà¥à¤¨à¥€ जाने वाली सà¤à¥€ सूचनाओं को संसाधित करने में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ है। तो यह आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ की बात नहीं हो सकती है जब नई चीजें सीखने के लंबे दिन के बाद वह थोड़ी चिड़चिड़ी हो!
कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ केवल थोड़े समय के लिठही चिढ़ते हैं जबकि अनà¥à¤¯ à¤à¤• बार में घंटों जोर-जोर से रोते हैं। इससे निपटना विशेष रूप से कठिन हो सकता है । लेकिन आपका शिशॠकितना à¤à¥€ शोर मचाà¤, निशà¥à¤šà¤¿à¤‚त रहें कि यह दौर गà¥à¤œà¤° जाà¤à¤—ा।
अगर आपको लगता है कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ की पीड़ा है और आप उसे शांत नहीं कर सकते हैं , तो चिंतित होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है। हालांकि आपका शिशॠà¤à¤¸à¤¾ लग सकता है कि रोने के इन दौरों के दौरान उसे दरà¥à¤¦ हो रहा है, बचà¥à¤šà¥‡ आमतौर पर पूरी तरह फिट और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पाठजाते हैं।
अगर आपको अपने शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की जरा à¤à¥€ चिंता है, तो उसे अपने जीपी के पास ले जाà¤à¤‚। आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके बचà¥à¤šà¥‡ के रोने के किसी à¤à¥€ अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ कारण का पता लगा सकता है और आपको मानसिक शांति पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है।
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